नैनीताल: रविवार को भवाली रोड स्थित एक होटल की बालकनी में खेलते वक्त हुए दर्दनाक हादसे ने मासूम गौरांत को असमय ही छीन लिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे की सांसें बचाने के लिए बदहवास परिजन उसे नैनीताल से हल्द्वानी और फिर वहां से दिल्ली लेकर भागे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली पहुंचने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया।
मध्य प्रदेश के रानापुर जागुआ निवासी विशाल सोनी परिवार के साथ नैनीताल घूमने आए थे। परिवार भवाली रोड स्थित जोखिया क्षेत्र के एक होटल में ठहरा हुआ था। रविवार सुबह बच्चे कमरे के बाहर बालकनी में खेल रहे थे। इसी दौरान बालकनी की रेलिंग में शीशा नहीं होने के कारण तीन वर्षीय गौरांत का संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 20 फीट नीचे जा गिरा। हादसे के बाद होटल में चीखपुकार मच गई। परिवार के लोग बदहवास हाल में मासूम को बीडी पांडे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर सुनील ने बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर हल्द्वानी रेफर किया गया। जांच में सिर और गर्दन में गंभीर फ्रैक्चर की पुष्टि होने पर चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया।
पिता विशाल सोनी के अनुसार दिल्ली पहुंचने से करीब 20 किलोमीटर पहले ही गौरांत की सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ ही देर पहले तक परिवार के साथ हंसता-खेलता मासूम अब केवल यादों में रह गया। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह हादसा होटलों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि बालकनी और ऊंचे स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद यह हादसा नहीं होता। बता दें कि एक सप्ताह पहले तल्लीताल क्षेत्र के एक होटल के रिसेप्शन से भी दो वर्षीय बच्ची नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी।




