पुलिस बनाम प्रदर्शनकारी: CJP का आरोप—निहत्थों पर लाठीचार्ज, वांगचुक अड़े

0

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई।

सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर मार्च किया। आंदोलनकारी जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक होते हुए संसद के करीब पहुंचे।

संसद में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई, मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। देर शाम को पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं। इसमें 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी भी घायल हुए।

CJP ने आरोप लगाया कि निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोल दागे। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की फोटो सामने आईं। पुलिस ने शाम 5 बजे तक जंतर-मंतर को खाली करा लिया।

वांगचुक बोले- अनशन नहीं तोडूंगा…

जेपी नड्‌डा और कॉकरोच जनता पार्टी के डेलीगेशन के बीच बातचीत हुई। नड्डा ने कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया।

CJP प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर 3 मांगें रखीं। पहली- सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा किया जाए।

दूसरी- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या उन्हें हटाया जाए। तीसरी- कथित तौर पर जान गंवाने वाले 20 से ज्यादा NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा मिले।

धर्मेंद्र प्रधान और अमित शाह के बीच लंबी बैठक हुई, लेकिन बातचीत का विषय क्या था, इसकी जानकारी सामने नहीं आई। अभिजीत दीपके ने अनशन तोड़ा, उनके अलावा 22 दिन से भूख हड़ताल कर रहे 3 और स्टूडेंट्स ने अनशन खत्म कर दिया।

सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया। कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बर्बरतापूण कार्रवाई की है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम की पत्नी गीतांजलि अंग्मो की याचिका पर सुनवाई की। वांगचुक की हेल्थ रिपोर्ट मांगी है। 21 जुलाई को फिर सुनवाई होगी।