चमोली: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में चढ़ावे के पैसों की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद अब समिति की अन्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। अमर उजाला की खबर के अनुसार ताजा मामला मंदिर समिति को दान में मिले वाहनों से जुड़ा है। वर्तमान में बदरीनाथ धाम में दान की दो हाईटेक एंबुलेंस और एक टेंपो ट्रेवलर गायब हैं। समिति के अधिकारियों को भी इनके धाम में होने की जानकारी नहीं है।
दो हाईटेक एंबुलेंस गायब…
वर्ष 2018 में एक दानदाता ने बीकेटीसी को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस एक एंबुलेंस दान दी थी। इसके बाद देवस्थानम बोर्ड के गठन के समय एक अन्य दानदाता ने भी समिति को दूसरी हाईटेक एंबुलेंस भेंट की थी। इन दोनों एंबुलेंसों का उद्देश्य बदरीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सेवा देना था, लेकिन स्थानीय सूत्रों के अनुसार इन्हें कभी नियमित चलते नहीं देखा गया। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी पर भी समिति ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
टेंपो ट्रेवलर का मामला…
वर्ष 2010 में ज्योतिर्मठ पीठ के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने बुजुर्ग, असहाय और दिव्यांग श्रद्धालुओं को बस अड्डे से मंदिर के पास तक लाने-ले जाने के लिए समिति को एक टेंपो ट्रेवलर दान किया था। आरोप है कि इसका इस्तेमाल लंबे समय से प्रशासनिक और निजी कार्यों के लिए किया जा रहा था। जून महीने में इसे बदरीनाथ से देहरादून ले जाया गया था, लेकिन अब यह वहां भी नहीं है।
अधिकारियों का पक्ष…
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि उन्हें दान में मिली एंबुलेंसों के बारे में पूरी जानकारी नहीं है और इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। वहीं, टेंपो ट्रेवलर को लेकर उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी आने के कारण उसे देहरादून भेजा गया था और वर्तमान में वह कहां है, इसका पता लगाया जाएगा।




