देहरादून: सशक्त बहना उत्सव के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने डबल इंजन सरकार की योजनाओं से उनके जीवन में आए बदलाव, आत्मनिर्भर बनने की यात्रा और मुख्यमंत्री के प्रति अपने आत्मीय भाव साझा किए।
संवाद का सबसे भावुक पल तब आया, जब डोईवाला की एक महिला ने मुख्यमंत्री धामी को प्रदेश की महिलाओं का ‘बड़ा भाई’ बताया। वहीं पौड़ी गढ़वाल की एक महिला ने मुख्यमंत्री के साथ अपने रिश्ते को ‘गुरु-शिष्य’ जैसा बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सरकार से मिले सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।
डोईवाला की महिला बोली—प्रदेश की महिलाएं आपको बड़े भाई के रूप में जानती हैं
डोईवाला की महिला ने मुख्यमंत्री से कहा कि आज प्रदेश की मातृशक्ति तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है और इसमें सरकार की योजनाओं का बड़ा योगदान है। सरकार से मिले सहयोग ने महिलाओं को अपने हुनर को स्वरोजगार में बदलने का अवसर दिया है।
उन्होंने बताया कि उनके समूह की महिलाएं मसाले, अचार, धूप सहित विभिन्न स्थानीय उत्पाद तैयार कर रही हैं। मसाला यूनिट का मासिक कारोबार करीब तीन से चार लाख रुपये तक पहुंच चुका है, जिससे 10 से 15 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। इसके साथ ही दाल-बड़ी यूनिट भी शुरू की गई है।
उन्होंने सरकार की ओर से मिली पांच लाख रुपये की सहायता से कैंटीन शुरू करने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आपको केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि अपने बड़े भाई के रूप में देखती हैं। सरकार के सहयोग ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का विश्वास दिया है।
पौड़ी की महिला बोली—आपका और हमारा रिश्ता गुरु-शिष्य का
पौड़ी गढ़वाल की महिला ने मुख्यमंत्री का अभिवादन ‘राधे-राधे’ से करते हुए अपने अनुभव बेहद आत्मीय अंदाज में साझा किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ उनका रिश्ता गुरु-शिष्य जैसा है—जिस तरह गुरु मार्ग दिखाकर आगे बढ़ने का हौसला देता है, उसी तरह मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और सरकार के सहयोग ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई।
उन्होंने बताया कि पहले संसाधनों और आत्मविश्वास की कमी थी, लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बाद उन्होंने बकरी पालन को स्वरोजगार का माध्यम बनाया। आज उनके समूह की महिलाएं सिलाई के साथ अचार, धूपबत्ती, होली के रंग और राखियां तैयार कर बाजार तक पहुंचा रही हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि आज हम आत्मविश्वास के साथ आपके सामने बैठकर अपनी सफलता की कहानी बता पा रहे हैं, यह सरकार से मिले सहयोग का परिणाम है।
योजनाओं ने दिया संबल, आत्मनिर्भरता बनी मातृशक्ति की पहचान
सशक्त बहना उत्सव में सामने आई महिलाओं की सफलता की कहानियां इस बात की तस्वीर पेश करती हैं कि डबल इंजन सरकार की योजनाएं महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि स्वरोजगार, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव बन रही हैं।
मुख्यमंत्री धामी के साथ संवाद के दौरान मातृशक्ति का सहज अपनापन और विश्वास यह भी दर्शाता है कि सरकार और महिलाओं के बीच योजनाओं से आगे बढ़कर आत्मीयता का रिश्ता मजबूत हुआ है। यही विश्वास प्रदेश की बहनों को स्वरोजगार से स्वावलंबन और स्वावलंबन से सशक्तिकरण की ओर आगे बढ़ा रहा है।




