चमोली: हेमकुंड साहिब व लोकपाल तीर्थ के कपाट 10 अक्टृबर को विधि विधान से दो बजे शीतकाल केे लिए बंद होंगे। कपाट बंद होने के उत्सव को यादगार बनाने के लिए सेना के बैंड की 11 टीम सहित रागी बंधु भी गोविंदघाट पहुंच चुके हैं।
कपाट बंद होने के उत्सव में शामिल होने के लिए दो हजार से अधिक यात्री गोविंदघाट पहुंच चुका है। कपाट बंद होने के उत्सव पर गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब को फूलों से सजाने का काम भी शुरू हो गया हैं।
हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने पर 40 पाकिस्तानी श्रद्धालुओं का जत्था भी शामिल होगा। गुरुवार रात करीब एक बजे श्रद्धालुओं का जत्था ऋषिकेश स्थित गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब पहुंचा। कुछ देर रुकने के बाद जत्था चमोली के लिए रवाना हो गया।
हेमकुंड साहिब के कपाट इस वर्ष 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। जबकि लोकपाल तीर्थ के कपाट 22 मई को खुले थे।। दस अक्टूबर को कपाट बंद होंगे।
गुरुवार रात करीब 40 पाकिस्तानी श्रद्धालुओं का जत्था पपिंद्र सिंह की अगुवाई में गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब पहुंचा। कुछ देर गुरुद्वारे में रुकने के बाद जत्था हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हो गया। वापसी में 12 अक्टूबर को जत्थे के ऋषिकेश में रुकने का कार्यक्रम है। पाकिस्तानी जत्थे के पहुंचने पर ऋषिकेश में सुरक्षा कड़ी रही। पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई की टीम सुरक्षा में रही।
ये है कार्यक्रम
नौ अक्टूबर को तड़के से तीन बजे तक यात्री गोविंदघाट से घांघरिया पहुंच कर प्रवास करेंगे।
10 अक्टूबर को यात्री घांघरिया से प्रात्: पांच बजे हेमकुंड साहिब के लिए यात्रा शुरू कर आठ बजे हेमकुंड साहिब पहीुंचेगे।
सुबह 10 बजे हेमकुंड साहिब में सुखमणी साहिब का पाठ , 11 बजकर 20 मिनट पर शब्द कीर्तन तथा 12 बजकर 30 मिनट पर इस यात्रा काल की अंतिम अरदास होगी।
इसके बाद हुक्मनामा लेकर गु़रूग्रंथ साहिब को दिवान हाल से पंच प्यारों की अगुवाई में सेना के बैंडों की मधुर धुनों पर संगतों की जयकारों के साथ सचखंड में शाेभित किया जाएगा।
इससे पहले निशान साहिब पर चौला बदला जाएगा। तथा कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के अध्यक्ष के संबोधन के अलावा यात्रा के दौरान बेहतर कार्य करने वाले लोगों , अधिकारियों , कर्मचारियों का धन्यवाद दिया जाएगा।
कपाट बंद होने साथ सभी श्रद्धालु वापस लौटेंगे।




