चमोली: नीती घाटी के तमक नाले में आई आपदा में लापता हुए हवलदार को ढूंढने के लिए रेस्क्यू टीमें सुबह से ही लगी हैं। सीमा सड़क संगठन सड़क सुचारू करने के लिए नाले से ही आस्थाई सड़क बनाने की रणनीति बना रहा है। आपदा के समय मौजूद हवलदार के साथ एक वाहन भी बह गया है।
तमक नाले के उपरी क्षेत्र में बादल फटने से आई बाढ़ ने ज्योतिर्मठ नीती मलारी हाइवे पर तमक गांव में 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित वैली ब्रिज बहा दिया है। ज्योतिर्मठ से लगभग 40 किमी दूर तमक गांव में तमक नाले में सोमवार को बाढ़ की स्थिति बनी। रात्रि से बारिश रूक रूक कर हो रही है।
बताया गया कि पहले तीन बजे लगभग नाले का जल स्तर बढ़ा, इसके बाद फिर साढ़े चार बजे भी एक बार फिर तमक नाले का जल स्तर बढ़ा, तब पुल के आसपास खेतों को नुकसान पहुंचा था। हाईवे पर भी पानी आया, लेकिन लगभग पांच बजे तमक नाले में ऐसा जल प्रलय आया कि वह वैली ब्रिज को ही बहा कर ले गया।
इस दौरान पैदल सुरक्षित स्थान पर भाग रहे सीमा सड़क संगठन के हवलदार पंकज भी नाले में आई बाढ़ के चपेट में आकर लापता हो गए। पुल के पास सड़क पर खड़ी बीआरओ का कैंपर वाहन भी बह गया और कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है।




