पहलगाम हमले…. आपको जिंदा छोड़ रहे.. जाकर सरकार को बताना क्या हुआ

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श्रीनगर: पहलगाम में पर्यटकों को नाम पूछ कर ही गोली नहीं मारी गई बल्कि महिलाओं को जिंदा छोड़ने के पीछे की घृणित मानसिकता भी जाहिर की गई। शुभम के चचेरे भाई सौरभ द्विवेदी ने बताया कि भाभी एशान्या ने बिलख-बिलख कर वहां का घटनाक्रम बताया। एशान्या ने सौरभ को बताया कि आतंकी कह रहे थे कि कलमा पढ़ो तो गोली नहीं मारेंगे। शुभम को गोली मारने के बाद आतंकियों ने एशान्या से कहा, हम आपको जिंदा छोड़ रहे हैं ताकि जाकर आप अपनी सरकार को बताएं कि आपके साथ क्या हुआ है। उसके बाद आतंकी भागे और भगदड़ मच गई। शुभम को सिर पर गोली मारी गई। सौरभ ने कहा कि हम प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से प्रार्थना करते हैं कि भाई का शव जल्द से जल्द घर भेज दिया जाए। औपचारिकताओं में विलंब न किया जाए। उन्होंने बताया कि भाई भाभी इससे पहले एक फॉरेन ट्रिप पर जा चुके थे। पहली बार वे फेमिली ट्रिप पर निकले थे।

सौरभ ने बताया कि पहलगाम में जब आतंकियों ने शुभम भइया को गोली मारी, भाभी बिलकुल करीब थीं। गोली लगते ही भाई के सिर से खून का फव्वारा फूटा जो भाभी पर पड़ा। यहां से उनकी स्थिति की बस कल्पना की जा सकती है। दुनिया की इस सबसे बड़ी विपदा को झोलते हुए भी भाभी एशान्या ने वहां का घटनाक्रम किसी तरह बताया।

12 फरवरी को विवाह के बाद से परिवार घूमने जाने का कार्यक्रम बना रहा था। अंतत: 17 अप्रैल को कश्मीर जाने का कार्यक्रम बना। जहां मंगलवार को आतंकियों की गोलीबारी में दामाद शुभम की मौत हो गई है। मूल रूप से महाराजपुर के हाथीपुर चंदन चक्की निवासी संजय द्विवेदी सीमेंट व्यापारी हैं। पत्नी सीमा, 31 वर्षीय बेटे शुभम और पुत्रवधू एशान्या के साथ श्याम नगर में एक अपार्टमेंट में रहते हैं। चचेरे भाई सौरभ द्विवेदी ने बताया कि शुभम पूरे परिवार संग कश्मीर घूमने गए थे। मंगलवार को वे लोग पहलगाम में थे। शुभम पत्नी एशान्या संग पहाड़ पर घुड़सवारी करने गए थे। तभी हमला हो गया।