विराट कोहली, जुकरबर्ग और स्‍टीव जॉब्‍स…लंबी है बाबा नीम करौली के भक्तों की फेरहिस्त

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उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली के पास स्थित बाबा नीम करौली के आश्रम कैंची धाम को आध्यात्मिक मान्यताओं का केंद्र माना जाता है। फेसबुक के संस्‍थापक मार्क जुकरबर्ग और ऐपल के संस्‍थापक स्‍टीव जॉब्‍स के अलावा दुनियाभर से कई दिग्‍गजों के कैंची धाम पहुंचने तथा जीवन को बदलने वाले अनुभवों की कहानियां प्रसिद्ध हैं।

कैंची धाम एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है जो उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है। यह धाम मुख्यतः बाबा नीब करौरी (नीम करोली बाबा) के कारण प्रसिद्ध है, जो एक महान संत और आध्यात्मिक गुरु माने जाते हैं। बाबा नीब करौरी के अनुयायी उन्हें भगवान का अवतार मानते हैं और उनके चमत्कारों की अनेक कहानियाँ प्रचलित हैं।

बाबा नीब करौरी का जीवन परिचय

बाबा नीब करौरी का जन्म 1900 के आसपास उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में हुआ था। उनका असली नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। बाबा ने युवा अवस्था में ही गृहस्थ जीवन छोड़कर संन्यास ग्रहण कर लिया और अपना जीवन अध्यात्मिक साधना और मानव सेवा में समर्पित कर दिया। वे भारत में विभिन्न स्थानों पर रहे और अंततः उन्होंने उत्तराखंड के कैंची क्षेत्र में अपना आश्रम स्थापित किया।

कैंची धाम की स्थापना

कैंची धाम की स्थापना बाबा नीब करौरी ने 1962 में की थी। यह आश्रम नैनीताल-अल्मोड़ा रोड पर स्थित है और चारों ओर से हरियाली और पहाड़ियों से घिरा हुआ है।यहाँ बाबा का एक विशाल मंदिर है, जिसमें उनकी प्रतिमा स्थापित है। कैंची धाम में हर साल 15 जून को एक बड़ा मेला लगता है, जो बाबा नीब करौरी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु यहां आकर बाबा के दर्शन करते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं।

बाबा नीब करौरी के चमत्कार

बाबा नीब करौरी के चमत्कारों की अनेक कहानियाँ प्रचलित हैं। उनके अनुयायियों का मानना है कि बाबा ने अपनी दिव्य शक्तियों से कई लोगों की मदद की है। कहा जाता है कि उन्होंने असाध्य रोगियों को ठीक किया, भूखे को भोजन दिया और दुखी लोगों को सांत्वना दी। उनके आश्रम में आने वाले हर व्यक्ति को शांति और संतोष की अनुभूति होती है।

कहा जाता है कि नीम करौली बाबा चमत्कारिक सिद्धियों के जरिये लोगों की परेशानियों का निवारण कर देते। आश्रम की स्थापना के बाद चमत्कारों की कहानियां विदेश तक पहुंच गई थीं। नीम करौरी बाबा से जुड़ा एक किस्सा काफी सुनाया जाता है। कहा जाता है कि कैंची धाम में एक बार भंडारा चल रहा था और घी कम पड़ गया। बाबा ने नदी से पानी भरकर लाने को कहा। भक्त बड़े-बड़े कनस्तर में पानी भरकर लाए और पानी घी बन गया।

बाबा नीम करौरी के चमत्‍कारों की कहानियों में एक और कहानी काफी सुनाई जाती है। कहा जाता है कि बाबा का एक भक्त गर्मी के कारण तप रहा था। उसे तेज बुखार हो गया था। शरीर का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा था। बाबा नीम करौरी ने उस भक्‍त को तपती धूप से बचाने के लिए बादलों की छतरी बनाकर उसे वहां तक पहुंचाया, जहां उसको जाना था।

बाबा नीब करौरी के प्रसिद्ध अनुयायी

बाबा नीब करौरी के अनुयायियों में कई प्रसिद्ध हस्तियाँ भी शामिल हैं।

इनमें से प्रमुख हैं…

स्टीव जॉब्स: एप्पल के संस्थापक, जो बाबा से प्रभावित होकर भारत आए थे।

मार्क जुकरबर्ग: फेसबुक के संस्थापक, जिन्होंने स्टीव जॉब्स के सुझाव पर कैंची धाम का दौरा किया।

जूलिया रॉबर्ट्स: हॉलीवुड अभिनेत्री, जो बाबा नीब करौरी की शिक्षाओं से प्रभावित हैं।

कैंची धाम का महत्व

कैंची धाम केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक केंद्र भी है जहाँ लोग मानसिक शांति और संतोष प्राप्त करने आते हैं। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण भी लोगों को आकर्षित करता है। बाबा नीब करौरी की शिक्षाएँ आज भी उनके अनुयायियों के जीवन में मार्गदर्शन करती हैं।

कैंची धाम बाबा नीब करौरी का एक अद्वितीय स्थान है जहाँ आकर हर व्यक्ति को आत्मिक शांति और मानसिक संतुलन प्राप्त होता है। बाबा नीब करौरी की शिक्षाएँ और उनके चमत्कार लोगों के दिलों में आज भी जीवित हैं और उनके अनुयायी इस पवित्र स्थल को अत्यंत श्रद्धा और भक्ति से देखते हैं।

पिछले वर्षों में क्रिकेट और मनोरंजन जगत की कई हस्तियां और देश-विदेश के दिग्गज कारोबारी नीम करोली बाबा के आश्रम जाते रहे हैं। सेलिब्रिटीज के बीच लोकप्रिय हुए नीम करोली बाबा के आश्रम आप भी जाना चाहते हैं तो कैंची धाम की यात्रा की पूरी जानकारी यहां मिलेगी।

अगर आप हवाई सेवा चाहते हैं तो कैंची धाम से सबसे करीब 70 किमी दूर पंतनगर हवाई अड्डा है। कैंची धाम तक पहुंचने के लिए यहां से आसानी से टैक्सी या बस मिल जाएगी।

ट्रेन से कैंची धाम का सफर तय करना है तो निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है। काठगोदाम से 38 किलोमीटर दूर नीम करौरी आश्रम है। इसी तरह आप दिल्ली से आ रहे हैं तो ट्रेन से या बस के जरिए काठगोदाम पहुंच सकते हैं।

नीम करोली बाबा के आश्रम जाने के लिए मार्च से जून तक का समय उपयुक्त रहेगा। इसके अलावा सितंबर से नवंबर के बीच भी कैंची धाम घूमने जा सकते हैं। इन महीनों में मौसम सुहाना होता है और आश्रम के आसपास का प्राकृतिक परिवेश सफर के लिए बेहतर रहता है। वहीं जुलाई-अगस्त में मानसून के कारण पहाड़ी क्षेत्र में जाने से बचें।

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