रुद्रपुर: काशीपुर के किसान आत्महत्या मामले में वायरल वीडियो के बाद एसएसपी उधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा ने सख्त कार्रवाई की है। मामले में लापरवाही बरतने पर थाना आईटीआई के एसओ और एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि चौकी पैगा की पूरी पुलिस टीम को लाइन हाजिर किया गया है।
हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र के गौलापार स्थित एक होटल में आत्महत्या करने से पूर्व किसान सुखवंत सिंह द्वारा जारी वीडियो में कई लोगों के नाम लेते हुए पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। वीडियो के वायरल होने के बाद एसएसपी ने प्रकरण की जांच कराई, जिसमें गंभीर लापरवाही और उदासीनता सामने आई।
जांच के बाद एसएसपी ने उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) कुंदन सिंह रौतेला (थानाध्यक्ष, कोतवाली आईटीआई) और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट (कोतवाली आईटीआई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही चौकी पैगा, कोतवाली आईटीआई में तैनात संपूर्ण पुलिस टीम को लाइन हाजिर किया गया है। लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार, अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी, आरक्षी भूपेंद्र सिंह, दिनेश तिवारी, सुरेश चन्द्र, योगेश चौधरी, राजेन्द्र गिरी, दीपक प्रसाद और संजय कुमार शामिल हैं।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने स्पष्ट किया कि पुलिस कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही, संवेदनहीनता या उदासीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता की शिकायतों और गंभीर मामलों में त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उधर, किसान का शव देर शाम काशीपुर पहुंचने पर उनके घर पर भारी संख्या में किसान और ग्रामीण एकत्र हो गए। परिजनों ने प्रशासन के समक्ष तीन मांगें रखीं, जिनमें से दो पर प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया, जिसके बाद परिजन सहमत हुए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को सौंपी गई है।




