बालकनी हो या गार्डन, बारिश में लगाएं ये 5 आसान और खूबसूरत पौधे

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बरसात का मौसम सिर्फ गर्मी से राहत नहीं देता, बल्कि पौधे लगाने के लिए भी सबसे बेहतर माना जाता है. इस दौरान मिट्टी में लंबे समय तक नमी बनी रहती है, तापमान संतुलित रहता है और पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं. यही वजह है कि मानसून में लगाए गए अधिकांश पौधे अच्छी तरह बढ़ते हैं. अगर आप अपनी बालकनी, छत, आंगन या बगीचे को हरा-भरा बनाना चाहते हैं, तो पौधे लगाने के लिए यही सबसे सही समय है.

मानसून में मिट्टी में पर्याप्त नमी रहने से पौधों को बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती और उनकी जड़ें आसानी से फैल जाती हैं. हालांकि, गमले या क्यारी में पानी जमा नहीं होना चाहिए. जलभराव होने पर जड़ों में सड़न, फफूंद और दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए हमेशा अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें और समय-समय पर पौधों की देखभाल करते रहें.

अगर आप ऐसा पौधा लगाना चाहते हैं जो कम देखभाल में भी खूब फूल दे, तो गेंदा अच्छा विकल्प है. इसके पीले और नारंगी फूल बगीचे की खूबसूरती बढ़ा देते हैं. बरसात का मौसम इसकी रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इस समय पौधा तेजी से बढ़ता है और कुछ ही हफ्तों में फूल आने लगते हैं. इसकी तेज खुशबू कई हानिकारक कीटों को दूर रखने में भी मदद करती है. अच्छी धूप, जल निकासी वाली मिट्टी और जैविक खाद मिलने पर गेंदा लंबे समय तक फूल देता रहता है.

गुलाब को फूलों का राजा कहा जाता है और यह लगभग हर बगीचे की शोभा बढ़ाता है. बरसात के मौसम में इसकी नई कलम या पौधा आसानी से लग जाता है, क्योंकि मिट्टी में नमी रहने से जड़ें तेजी से विकसित होती हैं. अगर गुलाब को रोज 4 से 6 घंटे धूप, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और समय-समय पर जैविक खाद मिले, तो कुछ ही महीनों में पौधा घना होकर रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से भर जाता है. बस ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो.

रात रानी अपनी तेज और मनमोहक खुशबू के लिए जानी जाती है. इसके छोटे-छोटे फूल रात के समय खिलते हैं और पूरे आसपास का वातावरण महका देते हैं. बरसात का मौसम इसकी रोपाई के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. नमी के कारण इसकी जड़ें तेजी से बढ़ती हैं और पौधा अच्छी तरह विकसित होता है. इसे ऐसी जगह लगाएं जहां हल्की से मध्यम धूप मिले और मिट्टी में पानी न रुके. नियमित देखभाल और जैविक खाद देने से इसमें लंबे समय तक फूल आते रहते हैं.

गुड़हल अपने बड़े, रंग-बिरंगे फूलों की वजह से घर और बगीचे की सुंदरता बढ़ाता है. मानसून इसकी रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है, क्योंकि इस दौरान जड़ें तेजी से फैलती हैं और पौधा तेजी से बढ़ता है. इसे रोजाना 4 से 6 घंटे धूप, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और समय-समय पर जैविक खाद मिलती रहे तो यह लंबे समय तक लगातार फूल देता है. इसके फूल पूजा-पाठ के साथ-साथ आयुर्वेद में भी उपयोग किए जाते हैं. इसका ख्याल रखना भी बेहद जरूरी है इसके लिए बरसात में गमले में पानी जमा न होने दें.

मोगरा अपने छोटे, सफेद और बेहद सुगंधित फूलों के लिए जाना जाता है. इसकी खुशबू पूरे घर और बगीचे को महका देती है. गर्मी और बरसात का मौसम इसकी बढ़वार और फूल आने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. अगर इसे अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी, पर्याप्त धूप और समय-समय पर जैविक खाद मिले, तो यह लंबे समय तक लगातार फूल देता रहता है. मोगरे के फूल पूजा-पाठ, गजरा बनाने और घर की सजावट में भी खूब इस्तेमाल किए जाते हैं.